All Languages Translate

मंगलवार, 17 दिसंबर 2024

शिव नाम से हैं जगत में उजाला

 शिव नाम से हैं जगत में उजाला

"हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ" एक भक्ति गीत है जो भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और प्रेम को व्यक्त करता है। इस गीत में भक्‍त अपने दिल की गहराई से शिवजी की महिमा का गुणगान कर रहे हैं और उन्हें अपनी पूजा-अर्चना समर्पित कर रहे हैं।

गीत के प्रमुख भावनात्मक बिंदुओं को इस प्रकार समझा जा सकता है:

1.      शिवजी की महिमा और शक्ति: गीत में यह बताया गया है कि भगवान शिव न केवल इस संसार के स्वामी हैं, बल्कि वे त्रिलोक में सर्वोच्च हैं। उनकी शक्ति अपार है और वे हर जीव के भीतर विद्यमान हैं।

2.      भक्त की श्रद्धा: गीत में भक्‍त शिवजी के चरणों में अपने जीवन को अर्पित करने की बात करता है। बेल पत्र और श्रद्धा सुमन के रूप में भक्‍त अपनी निष्ठा और समर्पण को व्यक्त करता है।

3.      आध्यात्मिक आशीर्वाद: भगवान शिव से भक्‍त अपनी जिन्‍दगी में सुख, शांति और ज्ञान की प्राप्ति की कामना करता है। वे चाहते हैं कि शिवजी उन्हें प्रेम और समझ का वरदान दें, ताकि वे जीवन को सही तरीके से जी सकें।

4.      शिव की कृपा: गीत में यह भी कहा गया है कि भगवान शिव ने अपने भक्तों को बल दिया है, चाहे वे निर्बल हों या अज्ञानी, शिवजी ने उन्हें शक्ति और ज्ञान प्रदान किया है।

कुल मिलाकर, यह गीत भगवान शिव के प्रति असीम श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। इसमें एक भक्त अपनी आत्मा से शिवजी की पूजा करता है और उनसे जीवन के उद्देश्य को समझने तथा आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करता है।

शिव नाम से हैं जगत में उजाला
हरी भक्तो के हैं मैं में शिवाला

हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ, तीनो लोक में तू ही तू
श्रद्धा सुमन मेरा मैं बेल पतरी, जीवन भी अरपन कर दू
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ, तीनो लोक में तू ही तू
श्रद्धा सुमन मेरा मैं बेल पतरी, जीवन भी अर्पण कर दू ...
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ, तीनो लोक में तू ही तू

जग का स्वामी है तू अन्तर्यामी है तू
मेरे जीवन की अंतिम कहानी है तू
तेरी शक्ति अपार तेरा पावन है द्वार
तेरी पूजा ही मेरा जीवन आधार, धुल तेरे चरणों की लेकर
जीवन को साकार किया, हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ
तीनो लोक में तू ही तू

मन में है कामना और कुछ जानू न, ज़िन्दगी भर करू तेरी आराधना
सुख की पहचान दे तू मुझे ज्ञान दे
प्रेम सबसे करू ऐसा वरदान ने
तूने दिया बल निर्बल को, अज्ञानी को ज्ञान दिया
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ, तीनो लोक में तू ही तू
श्रद्धा सुमन मेरा मैं बेल पतरी, जीवन भी अर्पण कर दू ...
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ, तीनो लोक में तू ही तू

सोमवार, 16 दिसंबर 2024

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

 चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

"चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों" एक भक्ति गीत है, जो भगवान शिव के प्रति भक्ति, श्रद्धा और समर्पण की भावना को व्यक्त करता है। इस गाने के माध्यम से भक्तों को भगवान शिव के मंदिर जाने, उनकी पूजा करने और उनके नाम का जप करने के लिए प्रेरित किया जाता है। गीत में भगवान शिव के गुणों, उनकी कृपा, और उनके चरणों में शरण लेने की महत्वता को बताया गया है।

इस गीत के प्रमुख तत्वों का वर्णन इस प्रकार है:

1.      शिव के चरणों में श्रद्धा: गाने के पहले ही वाक्य में भक्तों को भगवान शिव के चरणों में सिर झुका कर अपने तन-मन को पवित्र करने की बात कही गई है। यह दर्शाता है कि भगवान शिव के पास जाकर हमें अपनी आत्मा और शरीर को शुद्ध करना चाहिए।

2.      माया से मुक्ति: गाने में यह भी कहा गया है कि इस संसार में सब कुछ माया है और केवल शिवालय (शिव का मंदिर) में जाने से मुक्ति का मार्ग मिलता है। यह सिद्धांत भक्ति मार्ग की ओर मार्गदर्शन करता है।

3.      भगवान शिव का नाम और भजन: गाने में भगवान शिव का नाम लेने और उनके भजन गाने की बात की गई है, जो आत्मिक शांति और शक्ति का स्रोत होते हैं। यह हमसे कहता है कि शिव के नाम के जप से हर व्यक्ति का जीवन सुखमय हो सकता है।

4.      शिव की कृपा: गाने में भगवान शिव की असीम कृपा की महिमा का वर्णन किया गया है। यह बताया गया है कि शिव की दया से ही हम शरण पा सकते हैं, और उनकी कृपा से हमारे जीवन के कष्ट दूर होते हैं।

5.      आध्यात्मिक जागृति: गाने में यह भी कहा गया है कि हमें समाधि में बैठकर शिव का ध्यान और सुमिरन करना चाहिए। यह हमें मानसिक शांति, जागृति और आत्मा की उन्नति की ओर ले जाता है।

6.      शिव का दयालु रूप: गाने में भगवान शिव को एक दयालु पिता के रूप में पूजा गया है, जो सभी जीवों के कल्याण के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

7.      सफल जीवन: गाने का एक और महत्वपूर्ण संदेश है कि यदि हम भगवान शिव के नाम का जप करते हैं, तो हमारा जीवन सफल हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए, गाने में इस अनमोल जीवन को व्यर्थ न जाने देने की बात की गई है।

यह गीत न केवल भगवान शिव के प्रति भक्ति को प्रकट करता है, बल्कि यह हमें अपनी आत्मा की शुद्धि, मानसिक शांति और जीवन के उद्देश्य को समझने के लिए प्रेरित करता है। शिव के नाम में शक्ति है, और इस गाने के माध्यम से भक्तों को शिव की उपासना के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया जाता है।

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों
चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों
शिवजी के चरणों में सर को झुकाए

करें अपने तन-मन को गंगा सा पावन
करें अपने तन-मन को गंगा सा पावन
जपे नाम शिव का, भजन इनके गाएँ
चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

ये संसार है झूठी माया का बंधन
शिवालय में मारग है मुक्ति का भक्तों
(ॐ नमः शिवाय नमो)
महादेव का नाम लेने से हर दिन
मिलेगा हमें दान शक्ति का भक्तों

मिट्टी में मिट्टी की काया मिलेगी
मिट्टी में मिट्टी की काया मिलेगी
चलो आत्मा को तो कुंदन बनाए
चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

कहीं भी नहीं अंत उसकी दया का
करें वंदना उस दयालु पिता की
(ॐ नमः शिवाय नमो)
हमें भी मिले छाँव उसकी कृपा की
हमें भी मिले भीख उसकी दया की

लगाकर समाधि करें शिव का सुमिरन
लगाकर समाधि करें शिव का सुमिरन
यूँ सोए हुए भाग अपने जगाएँ
चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

करें सबका कल्याण कल्याणकारी
भरे सबके भंडार त्रिनेत्रधारी
(ॐ नमः शिवाय नमो)
कोई उसको जग में कमी ना रहेगी
बनेगा जो तन-मन से शिव का पुजारी

करे नाम लेकर सफ़ल अपना जीवन
करे नाम लेकर सफ़ल अपना जीवन
ये अनमोल जीवन यूँ ही ना गवाएँ

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों
शिवजी के चरणों में सर को झुकाए
करें अपने तन-मन को गंगा सा पावन
जपे नाम शिव का, भजन इनके गाएँ
चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों 

रविवार, 15 दिसंबर 2024

चलो भोले बाबा के द्वारे

 चलो भोले बाबा के द्वारे

यह गीत "चलो भोले बाबा के द्वारे" भगवान शिव (भोले बाबा) की महिमा और उनकी कृपा का गुणगान करता है। यह भक्ति गीत शिव भक्तों के लिए बहुत प्रिय है और शिव जी के दरबार में आने से सभी दुखों और परेशानियों के निवारण का संदेश देता है। गीत में शिव के प्रति श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का भाव व्यक्त किया गया है।

1.    भोले बाबा के द्वारे: गीत की शुरुआत में ही यह स्पष्ट किया गया है कि भगवान शिव का दरबार, उनके द्वार पर जाने से सभी दुखों का नाश हो जाता है। "चलो भोले बाबा के द्वारे, सब दुख कटेंगे तुम्हारे" का अर्थ है कि अगर हम भोले बाबा के चरणों में जाते हैं और उनकी भक्ति करते हैं, तो हमारे सभी दुख समाप्त हो जाएंगे। भगवान शिव के द्वार से सभी कष्ट और पाप समाप्त हो जाते हैं।

2.    शिव की महिमा: गीत में शिव की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया है। एक शिकारी जो बिल्व वृक्ष पर शिकार करने गया था, उसे भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है। अनजाने में वह प्रहर पूजा करता है और भोले बाबा प्रकट होकर उसे वरदान देते हैं, जिससे उसे वैराग्य और भक्ति की प्राप्ति होती है।

3.    शिवरात्रि और पुण्य: गीत में एक कन्या की कहानी भी है, जो अपने पापों के कारण कष्ट भोग रही थी। वह गोकर्ण पहुंचती है और उसे भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है, जब वह शिवलिंग पर अनजाने में बिल्व पत्र अर्पित करती है। इस व्रत और आस्था के कारण उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

4.    भोले बाबा की कृपा: गीत के दौरान बार-बार यह कहा जाता है कि "बने बाबा उसके सहारे, सब दुख कटेंगे तुम्हारे," जो यह दर्शाता है कि शिव की कृपा से सभी दुखों का निवारण होता है। उनका आशीर्वाद हमें शांति, भक्ति और मोक्ष की प्राप्ति दिलाता है।

5.    "हरि ॐ" का जाप: गीत में "हरि ॐ" का जाप किया गया है, जो भगवान शिव की उपासना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह जाप भक्तों को शिव के प्रति अडिग श्रद्धा और आस्था में दृढ़ करता है और मानसिक शांति प्राप्त करने में मदद करता है।

यह गीत भगवान शिव की अनुकंपा और उनकी महिमा को व्यक्त करता है। इसमें भक्तों को यह संदेश दिया जाता है कि अगर वे भगवान शिव के प्रति सच्ची श्रद्धा और भक्ति रखते हैं, तो शिव बाबा उनकी हर मुश्किल को सुलझा देंगे और उनके जीवन को आशीर्वादित करेंगे। गीत का हर शब्द एक प्रेरणा है, जो भक्तों को शिव के द्वार पर जाने और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

 

चलो भोले बाबा के द्वारे

सब दुख कटेंगे तुम्हारे

(चलो भोले बाबा के द्वारे)

(सब दुख कटेंगे तुम्हारे)

भोले बाबा, भोले बाबा

भोले बाबा, भोले बाबा

भोले बाबा, भोले बाबा

चलो भोले बाबा के द्वारे

सब दुख कटेंगे तुम्हारे

(चलो भोले बाबा के द्वारे)

(सब दुख कटेंगे तुम्हारे)

चढ़ा एक शिकारी, देखो, बिल्व वृक्ष पर, करने को वो शिकार

शिव चौदस की पावन वह रात थी, अनजाने में हुआ प्रहर पूजा-संस्कार

हुए बाबा प्रकट बोले, "माँगो वरदान" (बोले, "माँगो वरदान")

दर्शन कर शिकारी को हो आया वैराग्य ज्ञान (हो आया वैराग्य ज्ञान)

कर बद्ध कर वो बोला...

(हरि ॐ, हरि ॐ)

(हरि ॐ, हरि ॐ)

(हरि ॐ, हरि ॐ)

(हरि ॐ, हरि ॐ)

कर बद्ध कर वो बोला, "दो मुझे भक्ति वरदान" ("दो मुझे भक्ति वरदान")

बने बाबा उसके सहारे

सब दुख कटेंगे तुम्हारे

(चलो भोले बाबा के द्वारे)

(सब दुख कटेंगे तुम्हारे)

पापाचार के कारण कष्ट सहे कन्या सौमिनी ने

भिक्षा माँगती वो पहुँची गोकर्ण में, मिला बिल्व पत्र उसे भिक्षा के रूप में

बिल्व पत्र अनजाने में फेंका शिवलिंग पे (फेंका शिवलिंग पे)

पुण्य शिवरात्रि व्रत का ऐसे पाया उसने (ऐसे पाया उसने)

महिमा से शिव की...

(हरि ॐ, हरि ॐ)

(हरि ॐ, हरि ॐ)

(हरि ॐ, हरि ॐ)

(हरि ॐ, हरि ॐ)

महिमा से शिव की मोक्ष पाया उसने (मोक्ष पाया उसने)

बने बाबा उसके सहारे

सब दुख कटेंगे तुम्हारे

(चलो भोले बाबा के द्वारे)

(सब दुख कटेंगे तुम्हारे)

भोले बाबा, भोले बाबा

भोले बाबा, भोले बाबा

भोले बाबा, भोले बाबा

चलो भोले बाबा के द्वारे

सब दुख कटेंगे तुम्हारे

चलो भोले बाबा के द्वारे

सब दुख कटेंगे तुम्हारे

शनिवार, 14 दिसंबर 2024

मन ले के आया माता रानी के भवन में

मन ले के आया माता रानी के भवन में

"मन ले के आया माता रानी के भवन में" एक प्रसिद्ध भक्ति गीत है जो माँ दुर्गा, माता रानी और उनकी विभिन्न रूपों की महिमा का वर्णन करता है। यह गीत विशेष रूप से भक्तों के दिलों में श्रद्धा और भक्ति का भाव उत्पन्न करता है। गीत के माध्यम से यह बताया गया है कि माता रानी के मंदिर और उनके भवन में जाकर व्यक्ति को मानसिक और आत्मिक सुख मिलता है।

1.    प्रारंभिक पंक्तियाँ: गीत की शुरुआत में भक्त अपने मन को लेकर माता रानी के भवन में प्रवेश करने की बात करता है। वह कहता है कि वहाँ उसे बड़ा सुख मिला और इस सुख के कारण उसे जीवन में शांति और समृद्धि की प्राप्ति हुई। "बड़ा सुख पाया" का अर्थ है कि माता रानी के आशीर्वाद से उसे आध्यात्मिक सुख और संतोष मिला।

2.    माँ की महिमा: गीत में माँ दुर्गा के विभिन्न रूपों का उल्लेख किया गया है। एक स्थान पर माँ के भैरव पर क्रोध करके त्रिशूल उठाने और शक्तिशाली रूप को दिखाने की घटना का वर्णन है। इसके अलावा, यह भी बताया गया है कि माँ ने कई स्थानों पर अपने भक्तों की रक्षा की और उनकी पूजा की महिमा का विस्तार किया।

3.    माँ के भव्य भवन की कथा: एक अन्य भाग में यह बताया गया है कि माता रानी के भवन की सुंदरता और उसकी महिमा कितनी अपार है। इसमें शाह अकबर का जिक्र है, जो नंगे पाँव माता के दरबार में आया और श्रद्धा से शीश झुका। इससे यह संकेत मिलता है कि माँ की महिमा न केवल सामान्य लोगों के लिए, बल्कि बड़े-बड़े शासकों के लिए भी प्रेरणास्त्रोत रही है।

4.    चिंतपूर्णी माता की महिमा: गीत में विशेष रूप से चिंतपूर्णी माता की महिमा का उल्लेख किया गया है। कहा गया है कि जो भक्त माँ के चिंतन में मग्न रहते हैं, उन्हें कोई चिंता नहीं रहती। माँ उनकी सभी समस्याओं का समाधान करती हैं और उनके जीवन में सुख-शांति का संचार करती हैं।

5.    नैना देवी का काव्य रूप: गीत के अंत में नैना देवी की भी महिमा गाई गई है। यहाँ कहा गया है कि माता नैना देवी ने अपने भक्त नैना गुज्जर को दर्शन दिए और उनके जीवन को धन्य किया। नैना गुज्जर ने माँ के आदेश पर उनका मंदिर बनवाया, और उनका जीवन पूरी तरह से माँ की भक्ति में रमा रहा।

6.    कुल मिलाकर संदेश: यह भक्ति गीत भक्तों को यह संदेश देता है कि माता रानी के चरणों में शरण लेने से हर प्रकार की चिंता और दुख दूर हो जाते हैं। उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

इस गीत में विभिन्न धार्मिक और भक्ति से जुड़ी घटनाओं का वर्णन किया गया है, जो दर्शाती हैं कि माँ दुर्गा और उनके विभिन्न रूपों की पूजा से न केवल भक्ति की भावना बढ़ती है, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता और सुख भी प्राप्त होता है।

 

मन ले के आया माता रानी के भवन में

(मन ले के आया माता रानी के भवन में)

बड़ा सुख पाया...

बड़ा सुख पाया माती रानी के भवन में

(मन ले के आया माता रानी के भवन में) भवन में

(मन ले के आया माता रानी के भवन में)

जय जय माँ, अंबे माँ

जय जय माँ, जगदंबे माँ

(जय जय माँ, अंबे माँ)

(जय जय माँ, जगदंबे माँ)

मैं जानूँ वैष्णव माता, तेरे ऊँचे भवन की माया

भैरव पर क्रोध में आके माँ तूने त्रिशूल उठाया

वो पर्बत जहाँ पे तूने शक्ति का रूप दिखाया

भक्तों ने वहीं पे मैया तेरे नाम का भवन बनाया

बड़ा सुख पाया...

बड़ा सुख पाया माती रानी के भवन में

(मन ले के आया माता रानी के भवन में) भवन में

(मन ले के आया माता रानी के भवन में)

जय जय माँ, अंबे माँ

जय जय माँ, जगदंबे माँ

(जय जय माँ, अंबे माँ)

(जय जय माँ, जगदंबे माँ)

तेरे तेज ने ज्वाला मैया जब उजयारा फैलाया

शाह अकबर नंगे पैरों तेरे दरबार में आया

तेरी जग-मग ज्योत के आगे श्रद्धा से शीश झुकाया

तेरे भवन की शोभा देखी, सोने का क्षत्र चढ़ाया

बड़ा सुख पाया...

बड़ा सुख पाया माती रानी के भवन में

(मन ले के आया माता रानी के भवन में) भवन में

(मन ले के आया माता रानी के भवन में)

जय जय माँ, अंबे माँ

जय जय माँ, जगदंबे माँ

(जय जय माँ, अंबे माँ)

(जय जय माँ, जगदंबे माँ)

हे, चिंतपूर्णी माता, तेरी महिमा सबसे न्यारी

दिए भाईदास को दर्शन, तू भक्तों की है प्यारी

जो करे माँ तेरा चिंतन, तू चिंता हर दे सारी

तेरे भवन से झोली भरके जाते हैं सभी पुजारी

बड़ा सुख पाया...

बड़ा सुख पाया माती रानी के भवन में

(मन ले के आया माता रानी के भवन में)

(मन ले के आया माता रानी के भवन में)

जय जय माँ, अंबे माँ

जय जय माँ, जगदंबे माँ

(जय जय माँ, अंबे माँ)

(जय जय माँ, जगदंबे माँ)

माँ नैना देवी तूने ये नाम भगत से पाया

नैना गुज्जर को तूने सपने में दरस दिखाया

आदेश पे तेरे उसने तेरा मंदिर बनवाया

जीवन भर बैठ भवन में माँ तेरा ही गुण गया

बड़ा सुख पाया...

बड़ा सुख पाया माती रानी के भवन में

(मन ले के आया माता रानी के भवन में) भवन में

(मन ले के आया माता रानी के भवन में)

जय जय माँ, अंबे माँ

जय जय माँ, जगदंबे माँ

जगदंबे माँ

गुरुवार, 5 दिसंबर 2024

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

 चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

"चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों" एक भक्ति गीत है, जो भगवान शिव की महिमा और उनकी पूजा के महत्व को प्रस्तुत करता है। इस गीत में शिवजी के मंदिर में जाकर उनकी पूजा करने की प्रेरणा दी गई है, ताकि भक्त अपने जीवन को शुद्ध और पवित्र बना सकें। गीत का केंद्रीय संदेश है कि भगवान शिव के चरणों में श्रद्धा और भक्ति से जीवन में शांति, शक्ति और मुक्ति प्राप्त होती है।

गीत की शुरुआत होती है भक्तों को शिव शंकर के मंदिर जाने और उनके चरणों में सिर झुका कर उनका भजन करने के लिए प्रेरित करने से। गीत में यह बताया गया है कि अगर कोई भक्त शिवजी के नाम का जाप करता है और उनके भजन गाता है, तो वह अपने तन-मन को गंगा की तरह पवित्र कर सकता है। शिवजी की पूजा करने से जीवन में मुक्ति का मार्ग खुलता है, क्योंकि यह संसार केवल झूठी माया का बंधन है, और शिव की शरण में आने से ही आत्मा को शुद्धि और शांति मिलती है।

गीत में भगवान शिव के नाम का जाप करने की शक्ति और महत्व को बताया गया है, जिससे न केवल आत्मा को शांति मिलती है, बल्कि व्यक्ति को शक्ति, दया और कृपा भी प्राप्त होती है। "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का उच्चारण करने से व्यक्ति के जीवन में हर प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं और वह अपने जीवन को सच्चे मार्ग पर चला सकता है।

गीत में यह भी कहा गया है कि भगवान शिव का दयालु रूप और उनकी कृपा की छांव हमें हर कठिनाई से उबार सकती है। शिव की पूजा करने से मनुष्य अपने जीवन को सफल और सार्थक बना सकता है। जो व्यक्ति सच्चे दिल से भगवान शिव की पूजा करता है, वह न केवल आत्मिक उन्नति पाता है, बल्कि उसका जीवन भी मंगलमय और समृद्ध होता है।

1.    शिव की भक्ति से जीवन की पवित्रता: गीत में यह संदेश दिया गया है कि भगवान शिव की पूजा से हमारे तन और मन की शुद्धि होती है, जैसे गंगा नदी का पानी शुद्ध करता है।

2.    मुक्ति का मार्ग: संसार में जो माया का बंधन है, शिव शंकर के मंदिर में जाकर और उनका ध्यान करके इस बंधन से मुक्ति पाई जा सकती है।

3.    शक्ति और कृपा का आशीर्वाद: शिव जी का नाम लेने से व्यक्ति को शक्ति और दया प्राप्त होती है, और उनकी कृपा से जीवन में सभी समस्याएं समाप्त हो सकती हैं।

4.    आध्यात्मिक उन्नति: शिव शंकर की पूजा और उनके भजन से आत्मा को शुद्ध किया जा सकता है, और यही मार्ग व्यक्ति को मोक्ष की ओर ले जाता है।

5.    सच्ची भक्ति का महत्व: जो व्यक्ति अपने तन-मन से शिव का पूजारी बनता है और उनकी भक्ति करता है, वह जीवन में सफलता और संतोष पाता है।

यह गीत भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और भक्ति को प्रकट करता है, और उनके आशीर्वाद से जीवन को सफल और संतुलित बनाने की प्रेरणा देता है। "चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों" गीत भक्तों को शिव की पूजा करने, उनके नाम का जाप करने और जीवन में शिव के आशीर्वाद से शांति और उन्नति प्राप्त करने की प्रेरणा देता है। 

 

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

शिवजी के चरणों में सर को झुकाए

करें अपने तन-मन को गंगा सा पावन

करें अपने तन-मन को गंगा सा पावन

जपे नाम शिव का, भजन इनके गाएँ

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

ये संसार है झूठी माया का बंधन

शिवालय में मारग है मुक्ति का भक्तों

(ॐ नमः शिवाय नमो)

महादेव का नाम लेने से हर दिन

मिलेगा हमें दान शक्ति का भक्तों

मिट्टी में मिट्टी की काया मिलेगी

मिट्टी में मिट्टी की काया मिलेगी

चलो आत्मा को तो कुंदन बनाए

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

कहीं भी नहीं अंत उसकी दया का

करें वंदना उस दयालु पिता की

(ॐ नमः शिवाय नमो)

हमें भी मिले छाँव उसकी कृपा की

हमें भी मिले भीख उसकी दया की

लगाकर समाधि करें शिव का सुमिरन

लगाकर समाधि करें शिव का सुमिरन

यूँ सोए हुए भाग अपने जगाएँ

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

करें सबका कल्याण कल्याणकारी

भरे सबके भंडार त्रिनेत्रधारी

(ॐ नमः शिवाय नमो)

कोई उसको जग में कमी ना रहेगी

बनेगा जो तन-मन से शिव का पुजारी

करे नाम लेकर सफ़ल अपना जीवन

करे नाम लेकर सफ़ल अपना जीवन

ये अनमोल जीवन यूँ ही ना गवाएँ

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

शिवजी के चरणों में सर को झुकाए

करें अपने तन-मन को गंगा सा पावन

जपे नाम शिव का, भजन इनके गाएँ

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

बुधवार, 4 दिसंबर 2024

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

"भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए" एक भक्ति गीत है, जो माता वैष्णो देवी की महिमा और उनके दरबार में भक्तों की श्रद्धा को व्यक्त करता है। यह गीत श्रद्धालुओं की भावना को दर्शाता है, जो माता के दरबार में दर्शन करने के लिए बुलावे के बाद वहाँ आने की प्रतिज्ञा करते हैं। गीत में भक्तों का यह संदेश है कि जब माता का बुलावा आता है, तो वे किसी भी हाल में उनके दरबार में पहुँचते हैं और फिर कभी वहाँ से दूर नहीं जाते।

गीत की शुरुआत होती है भक्त के द्वारा माता के बुलावे का आह्वान करने से, जिसमें वे कहते हैं कि माता ने उन्हें अपने दरबार में बुलाया है, और वह वहाँ आने के बाद फिर कभी वापस नहीं जाएंगे। "शेरा वालिए" का जिक्र करते हुए, गीत में माता के वीर और शक्तिशाली रूप को व्यक्त किया गया है। "शेरा वालिए" का अर्थ है "शेरों के साथ माता की महिमा", यह माता के साहस और शक्ति को दर्शाता है, जो अपने भक्तों की रक्षा करती हैं।

गीत में यह भी कहा गया है कि भक्त माता के दर के भिखारी हैं, और उनके दरबार से बाहर जाने का कोई रास्ता नहीं है। एक बार माता के दर्शन के बाद, भक्त अपनी दुनिया और अपने पुराने रिश्तों को छोड़कर पूरी तरह से माता के मार्ग में समर्पित हो जाते हैं। माता के दरबार से जुड़ी एक "डोरी" (धागा) भक्तों की भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक बन जाती है, जो उन्हें हमेशा माता के साथ जोड़ती है।

गीत में माता के दिव्य रूप और उनकी उपस्थिति को भी दर्शाया गया है। माता के दर से ही पूरी दुनिया में उजाला फैलता है, उनकी खुशबू फूलों में, चाँद की चाँदनी में, सूरज की रौशनी में और नैनों की ज्योति में बसी हुई है। यह सब माता की असीम शक्ति और कृपा का संकेत है, जो हर जगह फैली हुई है।

1.    माता की दिव्य उपस्थिति: गीत में यह कहा गया है कि माता का आशीर्वाद और उनकी उपस्थिति हर जगह है — फूलों में, चाँद में, सूरज में, और यहाँ तक कि हमारी आँखों की ज्योति में भी।

2.    माता के बुलावे का महत्व: गीत में यह दिखाया गया है कि जब माता का बुलावा आता है, तो भक्त पूरी श्रद्धा से माता के दरबार में पहुँचते हैं और अपनी दुनिया की चिंता छोड़ देते हैं। एक बार माता के चरणों में समर्पण करने के बाद, वे फिर कभी नहीं लौटते।

3.    भक्ति और समर्पण: भक्त माता के दर में भिखारी बनकर आते हैं, और वे अपने जीवन को माता की भक्ति में समर्पित कर देते हैं। यह गीत यह संदेश देता है कि भक्तों को केवल माता के दर पर ही शांति और सुख मिलता है।

4.    माता की शक्ति: "शेरा वालिए" और "ज्योता वालिए" जैसे शब्दों से माता की शक्ति और उनके अद्वितीय रूप को दर्शाया गया है। माता के पास अनंत शक्ति है, जो हर भक्त की सहायता करती है।

यह गीत माता वैष्णो देवी के प्रति भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। यह उन भक्तों के दिलों की गहरी भावनाओं को व्यक्त करता है, जो माता के दर पर अपने जीवन को समर्पित करने के लिए आते हैं। "भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए" गीत माता की कृपा, उनकी शक्ति और उनके अद्वितीय रूप का आभार व्यक्त करता है, जो हर भक्त की रक्षा करती हैं।

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,
में हाँ तेरे दीदार, कि मैं आऊंगा
कभी न फिर जाऊँगा

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,

शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए
नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,

तेरे ही दर के हैं हम तो भिखारी,
जाएं कहाँ यह दर छोड़ के, हाँ छोड़के ।
तेरे ही संग बँधी भक्तों ने डोरी,
सारे जहाँ से नाता तोड़ के, हाँ तोड़के ॥

शेरावालिये नी माता ज्योता वालिए
भवना वालिए नी माता लाटा वालिए

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,

फूलों में तेरी ही खुशबु है मैया,
चंदा में तेरी ही चांदनी, हाँ चांदनी ।
तेरे ही नूर से है नैनो की ज्योतियाँ,
सूरज में तेरी ही रौशनी, हाँ रौशनी ॥

शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए
नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,
में हाँ तेरे दीदार, कि मैं आऊंगा
कभी न फिर जाऊँगा

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए
ओ मैया तेरे दरबार,

शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए
नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए

All religious songs will be available in written form