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मंगलवार, 17 दिसंबर 2024

जय भोले, जय भंडारी, तेरी है महिमा न्यारी

 जय भोले, जय भंडारी, तेरी है महिमा न्यारी

"जय भोले, जय भंडारी" एक लोकप्रिय भक्ति गीत है जो भगवान शिव की महिमा और उनके अद्वितीय गुणों को सराहता है। यह गीत भगवान शिव को "भोलेनाथ" और "भंडारी" के रूप में संबोधित करता है, जो उनकी सरलता, करुणा और समर्पण का प्रतीक हैं। इस गीत में शिव के दिव्य रूप, उनकी शक्ति और भक्तों के प्रति उनकी कृपा का वर्णन किया गया है।

गीत के प्रमुख बिंदुओं का वर्णन निम्नलिखित है:

1.      भगवान शिव की महिमा: गीत की शुरुआत में भगवान शिव की महानता का वर्णन किया गया है। "तेरी है महिमा न्यारी" का अर्थ है कि शिव की महिमा पूरी दुनिया से परे और अद्वितीय है। उनके बारे में जो भी कहा जाए, वह अपर्याप्त है। शिव की शक्ति, कृपा और उपकार की कोई सीमा नहीं है।

2.      शिव का सर्वव्यापी रूप: गीत में यह कहा गया है कि भगवान शिव हर कण में समाए हुए हैं – जल में, थल में, नभ में, और पवन में। इसका मतलब यह है कि भगवान शिव का अस्तित्व और उनकी शक्ति हर जगह व्याप्त है। उनका रूप और उनकी छवि हर जगह दिखाई देती है।

3.      शिव का संगीत और धुन: "डमरू की धुन में है, झूमे है सृष्टि" में भगवान शिव के डमरू की ध्वनि का उल्लेख किया गया है, जो समग्र सृष्टि को अपने ताल पर नचाती है। यह भगवान शिव की शक्ति और उनके प्रभाव को दर्शाता है, जो पूरी सृष्टि को गतिशील बनाता है।

4.      शिव की कृपा और वरदान: गीत में यह उल्लेख किया गया है कि भगवान शिव हमेशा अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। जो भी शिव की पूजा करता है या उनका ध्यान करता है, उसे सुख, समृद्धि और आशीर्वाद प्राप्त होते हैं। रावण को सोने की लंका देने और भगवान शिव के कैलाश पर्वत पर वास करने का संदर्भ देने से शिव के उपकार और भक्तों के प्रति उनके अनमोल योगदान को दर्शाया गया है।

5.      शिव की उपकारिता: भगवान शिव को "दानी" और "वरदानी" के रूप में पुकारा गया है, जो हर किसी के कष्टों को दूर करने और उन्हें शांति और सुख देने के लिए जाने जाते हैं। रावण की लंका को सोने से भरने का संदर्भ भगवान शिव की उदारता को उजागर करता है। साथ ही, यह भी कहा गया है कि भगवान शिव का उपकार अनमोल है और कोई अन्य देवता उनके जैसा उपकारी नहीं हो सकता।

6.      भोलेनाथ के प्रति भक्तों का श्रद्धा भाव: गीत में बार-बार "जय भोले" और "जय भंडारी" के उद्घोष से यह स्पष्ट होता है कि भक्त भगवान शिव के प्रति अपनी पूरी श्रद्धा और निष्ठा व्यक्त कर रहे हैं। "भोले" शब्द का प्रयोग भगवान शिव की सरलता, मासूमियत और सहजता को व्यक्त करता है, जो अपने भक्तों के कष्टों को सरलता से हर लेते हैं।

कुल मिलाकर, यह गीत भगवान शिव की अद्वितीयता, उनकी अनंत कृपा, और उनके भक्तों के प्रति अपार प्रेम का उत्सव है। यह भक्ति गीत भगवान शिव के गुणों को श्रवण करने, उनका ध्यान करने और उनकी उपासना में अपनी श्रद्धा अर्पित करने के लिए प्रेरित करता है।

जय भोले, जय भंडारी, तेरी है महिमा न्यारी
जय भोले, जय भंडारी, तेरी है महिमा न्यारी
तेरी मोहनी मूरत लगे है प्यारी

जय भोले, जय भंडारी, तेरी है महिमा न्यारी
तेरी मोहनी मूरत लगे है प्यारी
जय भोले, जय भंडारी, तेरी है महिमा न्यारी

कण-कण में है तेरा वास प्रभु
है तीनों लोक में तू ही तू

जल में है, थल में है, नभ में
पवन में है, तेरी छवि है समाई
डमरू की धुन में है, झूमे है सृष्टि
महिमा ये कैसी रचाई

तेरी जय-जय करे दुनिया सारी
जय भोले, जय भंडारी, तेरी है महिमा न्यारी

जिसने भी तेरा ध्यान किया
उसको सुख का वरदान दिया

दानी है, वरदानी है, भोले बाबा
है भक्तों पे उपकार तेरा
रावण को दे डाली सोने की लंका
किया आप परबत पे डेरा

नहीं दूजा कोई तुमसा है उपकारी
जय भोले, जय भंडारी, तेरी है महिमा न्यारी
जय भोले, जय भंडारी, तेरी है महिमा न्यारी

तेरी मोहनी मूरत लगे है प्यारी
जय भोले, जय भंडारी, तेरी है महिमा न्यारी
जय भोले, जय भंडारी, तेरी है महिमा न्यारी

ॐ नमः शिवाय

 ॐ नमः शिवाय

"ॐ नमः शिवाय" एक प्रसिद्ध और अत्यधिक पूजनीय मंत्र है, जिसे भगवान शिव की आराधना और भक्ति के लिए गाया जाता है। यह भक्ति गीत भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का अद्भुत उदाहरण है। इस गीत के द्वारा भक्त भगवान शिव की महिमा का गुणगान करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए प्रार्थना करते हैं।

गीत के प्रमुख बिंदुओं को इस प्रकार समझा जा सकता है:

1.      ॐ नमः शिवाय का जाप: गीत में "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप बार-बार किया गया है, जो भगवान शिव का अभिवादन और ध्यान करने का एक शास्त्रिक तरीका है। यह मंत्र विशेष रूप से शांति, शक्ति, और समर्पण का प्रतीक है।

2.      शिव की महिमा: गीत में भगवान शिव की अद्वितीयता और महिमा का वर्णन किया गया है। यह बताया गया है कि शिव शंकर ही सृष्टि के सृजनहार हैं और प्रत्येक कण में उनकी उपस्थिति है। वे अन्तर्यामी हैं, अर्थात् वे सभी के दिलों में समाहित हैं और सबकी शरण में आते हैं।

3.      शिव की कृपा और आशीर्वाद: गीत में यह संदेश दिया गया है कि भगवान शिव के आशीर्वाद से जीवन में सुख और शांति प्राप्त होती है। उनके संरक्षण में व्यक्ति के दुख-सुख में संतुलन आता है, और हर प्रकार की कठिनाइयाँ आसान हो जाती हैं।

4.      शिव भक्ति का महत्व: गीत में शिव भक्ति के रसपान और जीवन को ज्योतिर्मय बनाने का उल्लेख किया गया है। इसका अर्थ है कि जब हम शिव भक्ति करते हैं, तो हमारे जीवन में अंधकार से प्रकाश की ओर यात्रा होती है।

5.      शिव शंकर का गुणगान: यह गीत शिव शंकर के गुणों का बखान करता है, जैसे उनकी प्रेमपूर्ण और वात्सल्यपूर्ण शक्ति। वे भक्तों के सखा हैं और हर मनुष्य के हृदय में उनके प्रति श्रद्धा का स्थान बनाना चाहिए।

6.      शिव के प्रति समर्पण: गीत में यह भी बताया गया है कि शिव शंकर के चरणों में समर्पण और विश्वास रखने से जीवन के सभी कष्ट समाप्त हो जाते हैं और आत्मा को शांति मिलती है।

कुल मिलाकर, यह गीत भगवान शिव के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति की अभिव्यक्ति है। इसमें शिव के चमत्कारी गुणों, उनके आशीर्वाद, और उनके प्रति अनन्य समर्पण का संदेश है। यह भक्ति गीत न केवल दिव्य शक्ति की महिमा का आभास कराता है, बल्कि भक्तों को जीवन में शांति, समृद्धि और संतुष्टि प्राप्त करने की प्रेरणा भी देता है।

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

शिव शंकर का गुणगान करो

शिव भक्ति का

रसपान करो

जीवन ज्योतिर्मय

हो जाये

ज्योतिर्लिंगो का

ध्यान करो

शिव शंकर

का गुणगान करो

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः

शिवाय शिवाय

ॐ नमः शिवाय

नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

उसने ही जगत बनाया है

कण कण में वही समाया है

उसने ही जगत बनाया है

कण कण में वही समाया है

दुख भी सुख सही हर लेगा

सर पर जब शिव की छाया है

बोलो हर हर हर महादेव

हर मुश्किल को आसान करो

शिव शंकर का गुणगान करो

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय शिवाय

ॐ नमः शिवाय शिवाय

शंकर तो है अन्तर्यामी

भक्तों के लिया सखा से है

शंकर तो है अन्तर्यामी

भक्तों के लिया सखा से है

भगवान भव के भूखे हैं

भगवान प्रेम के प्यासे हैं

मन के मंदिर में इसीलिये

शिव मंदिर का निर्माण करो

शिव शंकर का गुणगान करो

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

नमः शिवाय

शिव शंकर का गुणगान करो

शिव भक्ति का रसपान करो

जीवन ज्योतिर्मय हो जाये

ज्योतिर्लिंगो का ध्यान करो

शिव शंकर का गुणगान करो

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

नमः शिव

ॐ नमः शिवाय

नमः शिव

ॐ नमः शिवाय

नमः शिव

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय शिवाय

ॐ नमः शिवाय शिवाय।

शिव नाम से हैं जगत में उजाला

 शिव नाम से हैं जगत में उजाला

"हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ" एक भक्ति गीत है जो भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और प्रेम को व्यक्त करता है। इस गीत में भक्‍त अपने दिल की गहराई से शिवजी की महिमा का गुणगान कर रहे हैं और उन्हें अपनी पूजा-अर्चना समर्पित कर रहे हैं।

गीत के प्रमुख भावनात्मक बिंदुओं को इस प्रकार समझा जा सकता है:

1.      शिवजी की महिमा और शक्ति: गीत में यह बताया गया है कि भगवान शिव न केवल इस संसार के स्वामी हैं, बल्कि वे त्रिलोक में सर्वोच्च हैं। उनकी शक्ति अपार है और वे हर जीव के भीतर विद्यमान हैं।

2.      भक्त की श्रद्धा: गीत में भक्‍त शिवजी के चरणों में अपने जीवन को अर्पित करने की बात करता है। बेल पत्र और श्रद्धा सुमन के रूप में भक्‍त अपनी निष्ठा और समर्पण को व्यक्त करता है।

3.      आध्यात्मिक आशीर्वाद: भगवान शिव से भक्‍त अपनी जिन्‍दगी में सुख, शांति और ज्ञान की प्राप्ति की कामना करता है। वे चाहते हैं कि शिवजी उन्हें प्रेम और समझ का वरदान दें, ताकि वे जीवन को सही तरीके से जी सकें।

4.      शिव की कृपा: गीत में यह भी कहा गया है कि भगवान शिव ने अपने भक्तों को बल दिया है, चाहे वे निर्बल हों या अज्ञानी, शिवजी ने उन्हें शक्ति और ज्ञान प्रदान किया है।

कुल मिलाकर, यह गीत भगवान शिव के प्रति असीम श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। इसमें एक भक्त अपनी आत्मा से शिवजी की पूजा करता है और उनसे जीवन के उद्देश्य को समझने तथा आशीर्वाद प्राप्त करने की प्रार्थना करता है।

शिव नाम से हैं जगत में उजाला
हरी भक्तो के हैं मैं में शिवाला

हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ, तीनो लोक में तू ही तू
श्रद्धा सुमन मेरा मैं बेल पतरी, जीवन भी अरपन कर दू
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ, तीनो लोक में तू ही तू
श्रद्धा सुमन मेरा मैं बेल पतरी, जीवन भी अर्पण कर दू ...
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ, तीनो लोक में तू ही तू

जग का स्वामी है तू अन्तर्यामी है तू
मेरे जीवन की अंतिम कहानी है तू
तेरी शक्ति अपार तेरा पावन है द्वार
तेरी पूजा ही मेरा जीवन आधार, धुल तेरे चरणों की लेकर
जीवन को साकार किया, हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ
तीनो लोक में तू ही तू

मन में है कामना और कुछ जानू न, ज़िन्दगी भर करू तेरी आराधना
सुख की पहचान दे तू मुझे ज्ञान दे
प्रेम सबसे करू ऐसा वरदान ने
तूने दिया बल निर्बल को, अज्ञानी को ज्ञान दिया
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ, तीनो लोक में तू ही तू
श्रद्धा सुमन मेरा मैं बेल पतरी, जीवन भी अर्पण कर दू ...
हे शम्भू बाबा मेरे भोले नाथ, तीनो लोक में तू ही तू

सोमवार, 16 दिसंबर 2024

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

 चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

"चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों" एक भक्ति गीत है, जो भगवान शिव के प्रति भक्ति, श्रद्धा और समर्पण की भावना को व्यक्त करता है। इस गाने के माध्यम से भक्तों को भगवान शिव के मंदिर जाने, उनकी पूजा करने और उनके नाम का जप करने के लिए प्रेरित किया जाता है। गीत में भगवान शिव के गुणों, उनकी कृपा, और उनके चरणों में शरण लेने की महत्वता को बताया गया है।

इस गीत के प्रमुख तत्वों का वर्णन इस प्रकार है:

1.      शिव के चरणों में श्रद्धा: गाने के पहले ही वाक्य में भक्तों को भगवान शिव के चरणों में सिर झुका कर अपने तन-मन को पवित्र करने की बात कही गई है। यह दर्शाता है कि भगवान शिव के पास जाकर हमें अपनी आत्मा और शरीर को शुद्ध करना चाहिए।

2.      माया से मुक्ति: गाने में यह भी कहा गया है कि इस संसार में सब कुछ माया है और केवल शिवालय (शिव का मंदिर) में जाने से मुक्ति का मार्ग मिलता है। यह सिद्धांत भक्ति मार्ग की ओर मार्गदर्शन करता है।

3.      भगवान शिव का नाम और भजन: गाने में भगवान शिव का नाम लेने और उनके भजन गाने की बात की गई है, जो आत्मिक शांति और शक्ति का स्रोत होते हैं। यह हमसे कहता है कि शिव के नाम के जप से हर व्यक्ति का जीवन सुखमय हो सकता है।

4.      शिव की कृपा: गाने में भगवान शिव की असीम कृपा की महिमा का वर्णन किया गया है। यह बताया गया है कि शिव की दया से ही हम शरण पा सकते हैं, और उनकी कृपा से हमारे जीवन के कष्ट दूर होते हैं।

5.      आध्यात्मिक जागृति: गाने में यह भी कहा गया है कि हमें समाधि में बैठकर शिव का ध्यान और सुमिरन करना चाहिए। यह हमें मानसिक शांति, जागृति और आत्मा की उन्नति की ओर ले जाता है।

6.      शिव का दयालु रूप: गाने में भगवान शिव को एक दयालु पिता के रूप में पूजा गया है, जो सभी जीवों के कल्याण के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

7.      सफल जीवन: गाने का एक और महत्वपूर्ण संदेश है कि यदि हम भगवान शिव के नाम का जप करते हैं, तो हमारा जीवन सफल हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए, गाने में इस अनमोल जीवन को व्यर्थ न जाने देने की बात की गई है।

यह गीत न केवल भगवान शिव के प्रति भक्ति को प्रकट करता है, बल्कि यह हमें अपनी आत्मा की शुद्धि, मानसिक शांति और जीवन के उद्देश्य को समझने के लिए प्रेरित करता है। शिव के नाम में शक्ति है, और इस गाने के माध्यम से भक्तों को शिव की उपासना के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया जाता है।

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों
चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों
शिवजी के चरणों में सर को झुकाए

करें अपने तन-मन को गंगा सा पावन
करें अपने तन-मन को गंगा सा पावन
जपे नाम शिव का, भजन इनके गाएँ
चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

ये संसार है झूठी माया का बंधन
शिवालय में मारग है मुक्ति का भक्तों
(ॐ नमः शिवाय नमो)
महादेव का नाम लेने से हर दिन
मिलेगा हमें दान शक्ति का भक्तों

मिट्टी में मिट्टी की काया मिलेगी
मिट्टी में मिट्टी की काया मिलेगी
चलो आत्मा को तो कुंदन बनाए
चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

कहीं भी नहीं अंत उसकी दया का
करें वंदना उस दयालु पिता की
(ॐ नमः शिवाय नमो)
हमें भी मिले छाँव उसकी कृपा की
हमें भी मिले भीख उसकी दया की

लगाकर समाधि करें शिव का सुमिरन
लगाकर समाधि करें शिव का सुमिरन
यूँ सोए हुए भाग अपने जगाएँ
चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों

करें सबका कल्याण कल्याणकारी
भरे सबके भंडार त्रिनेत्रधारी
(ॐ नमः शिवाय नमो)
कोई उसको जग में कमी ना रहेगी
बनेगा जो तन-मन से शिव का पुजारी

करे नाम लेकर सफ़ल अपना जीवन
करे नाम लेकर सफ़ल अपना जीवन
ये अनमोल जीवन यूँ ही ना गवाएँ

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों
शिवजी के चरणों में सर को झुकाए
करें अपने तन-मन को गंगा सा पावन
जपे नाम शिव का, भजन इनके गाएँ
चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तों 

रविवार, 15 दिसंबर 2024

चलो भोले बाबा के द्वारे

 चलो भोले बाबा के द्वारे

यह गीत "चलो भोले बाबा के द्वारे" भगवान शिव (भोले बाबा) की महिमा और उनकी कृपा का गुणगान करता है। यह भक्ति गीत शिव भक्तों के लिए बहुत प्रिय है और शिव जी के दरबार में आने से सभी दुखों और परेशानियों के निवारण का संदेश देता है। गीत में शिव के प्रति श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का भाव व्यक्त किया गया है।

1.    भोले बाबा के द्वारे: गीत की शुरुआत में ही यह स्पष्ट किया गया है कि भगवान शिव का दरबार, उनके द्वार पर जाने से सभी दुखों का नाश हो जाता है। "चलो भोले बाबा के द्वारे, सब दुख कटेंगे तुम्हारे" का अर्थ है कि अगर हम भोले बाबा के चरणों में जाते हैं और उनकी भक्ति करते हैं, तो हमारे सभी दुख समाप्त हो जाएंगे। भगवान शिव के द्वार से सभी कष्ट और पाप समाप्त हो जाते हैं।

2.    शिव की महिमा: गीत में शिव की महिमा का विस्तार से वर्णन किया गया है। एक शिकारी जो बिल्व वृक्ष पर शिकार करने गया था, उसे भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है। अनजाने में वह प्रहर पूजा करता है और भोले बाबा प्रकट होकर उसे वरदान देते हैं, जिससे उसे वैराग्य और भक्ति की प्राप्ति होती है।

3.    शिवरात्रि और पुण्य: गीत में एक कन्या की कहानी भी है, जो अपने पापों के कारण कष्ट भोग रही थी। वह गोकर्ण पहुंचती है और उसे भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है, जब वह शिवलिंग पर अनजाने में बिल्व पत्र अर्पित करती है। इस व्रत और आस्था के कारण उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

4.    भोले बाबा की कृपा: गीत के दौरान बार-बार यह कहा जाता है कि "बने बाबा उसके सहारे, सब दुख कटेंगे तुम्हारे," जो यह दर्शाता है कि शिव की कृपा से सभी दुखों का निवारण होता है। उनका आशीर्वाद हमें शांति, भक्ति और मोक्ष की प्राप्ति दिलाता है।

5.    "हरि ॐ" का जाप: गीत में "हरि ॐ" का जाप किया गया है, जो भगवान शिव की उपासना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह जाप भक्तों को शिव के प्रति अडिग श्रद्धा और आस्था में दृढ़ करता है और मानसिक शांति प्राप्त करने में मदद करता है।

यह गीत भगवान शिव की अनुकंपा और उनकी महिमा को व्यक्त करता है। इसमें भक्तों को यह संदेश दिया जाता है कि अगर वे भगवान शिव के प्रति सच्ची श्रद्धा और भक्ति रखते हैं, तो शिव बाबा उनकी हर मुश्किल को सुलझा देंगे और उनके जीवन को आशीर्वादित करेंगे। गीत का हर शब्द एक प्रेरणा है, जो भक्तों को शिव के द्वार पर जाने और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

 

चलो भोले बाबा के द्वारे

सब दुख कटेंगे तुम्हारे

(चलो भोले बाबा के द्वारे)

(सब दुख कटेंगे तुम्हारे)

भोले बाबा, भोले बाबा

भोले बाबा, भोले बाबा

भोले बाबा, भोले बाबा

चलो भोले बाबा के द्वारे

सब दुख कटेंगे तुम्हारे

(चलो भोले बाबा के द्वारे)

(सब दुख कटेंगे तुम्हारे)

चढ़ा एक शिकारी, देखो, बिल्व वृक्ष पर, करने को वो शिकार

शिव चौदस की पावन वह रात थी, अनजाने में हुआ प्रहर पूजा-संस्कार

हुए बाबा प्रकट बोले, "माँगो वरदान" (बोले, "माँगो वरदान")

दर्शन कर शिकारी को हो आया वैराग्य ज्ञान (हो आया वैराग्य ज्ञान)

कर बद्ध कर वो बोला...

(हरि ॐ, हरि ॐ)

(हरि ॐ, हरि ॐ)

(हरि ॐ, हरि ॐ)

(हरि ॐ, हरि ॐ)

कर बद्ध कर वो बोला, "दो मुझे भक्ति वरदान" ("दो मुझे भक्ति वरदान")

बने बाबा उसके सहारे

सब दुख कटेंगे तुम्हारे

(चलो भोले बाबा के द्वारे)

(सब दुख कटेंगे तुम्हारे)

पापाचार के कारण कष्ट सहे कन्या सौमिनी ने

भिक्षा माँगती वो पहुँची गोकर्ण में, मिला बिल्व पत्र उसे भिक्षा के रूप में

बिल्व पत्र अनजाने में फेंका शिवलिंग पे (फेंका शिवलिंग पे)

पुण्य शिवरात्रि व्रत का ऐसे पाया उसने (ऐसे पाया उसने)

महिमा से शिव की...

(हरि ॐ, हरि ॐ)

(हरि ॐ, हरि ॐ)

(हरि ॐ, हरि ॐ)

(हरि ॐ, हरि ॐ)

महिमा से शिव की मोक्ष पाया उसने (मोक्ष पाया उसने)

बने बाबा उसके सहारे

सब दुख कटेंगे तुम्हारे

(चलो भोले बाबा के द्वारे)

(सब दुख कटेंगे तुम्हारे)

भोले बाबा, भोले बाबा

भोले बाबा, भोले बाबा

भोले बाबा, भोले बाबा

चलो भोले बाबा के द्वारे

सब दुख कटेंगे तुम्हारे

चलो भोले बाबा के द्वारे

सब दुख कटेंगे तुम्हारे

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